रुकू का तरीक़ा

रुकू का तरीक़ाः

73- अपने दोनों हाथों को अपने दोनों घुटनों पर रखे, और उन दोनों को अपने दोनों घुटनों पर जमा दे, और अपनी अंगुलियों के बीच में कुशादगी रखे जैसे कि वह अपने दोनों घुटनों को पकड़े हुए हो, और ये सभी चीजें वाजिब हैं।

74- और अपनी पीठ को फैला ले और उस को बिल्कुल बराबर रखे यहाँ तक कि अगर उस पर पानी डाला जाये तो वह ठहर जाये, और यह वाजिब है।

75- और अपने सिर को न तो झुकाये और न ही ऊपर उठाये, बल्कि उसे बिल्कुल अपनी पीठ की बराबरी में रखे।

76- और अपनी दोनों कुहनियों को अपने दोनों पहलुओं से दूर रखे।

77- और अपने रुकू के अन्दर तीन मर्तबा या उस से अधिक बार "सुब्ह़ाना रब्बियल अज़ीम" कहे। (और इस के अलावा अन्य अज़कार भी हैं जिन्हें इस रुक्न के अन्दर पढ़ा जाता है, उन में से कोई ज़िक्र लम्बी, कोई औसत और कोई छोटी है, जिन्हें किताब "सिफतो सलातिन्नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल" के पेज न0 132, मुद्रण मकतबतुल मआरिफ में देखा जा सकता है)।

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