तशह्हुद के शब्द और उस के बाद की दुआ

तशह्हुद के शब्द और उस के बाद की दुआः

142- तशह्हुद नमाज़ का एक वाजिब है, अगर कोई उसे भूल जाये तो सह्व के दो सज्दे करेगा।

143- और तशह्हुद को आहिस्ता से पढ़ेगा।

144- उस के शब्द इस प्रकार हैं-

"अत्तहिय्यातो लिल्लाहि, वस्सला-वातो, वत्तैइबातो, अस्सलामो अलैका अय्योहन्नबिय्यो व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू, अस्सलामो अलैना व अला इबादिल्लाहिस्सालिहीन, अश्हदो अन् ला इलाहा इल्लल्लाह, व अश्हदो अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुह"

(और मेरी वर्णित किताब में इस के अलावा ज़िक्र के दूसरे प्रमाणित शब्द भी हैं और जिस को मैंने यहाँ उल्लेख किया है वे सब से शुद्ध शब्द हैं।)

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