आखिरी तशह्हुद और तवर्रुक़ का बयान

आखिरी तशह्हुद और तवर्रुक़ का बयानः

168- फिर आखिरी तशह्हुद के लिए बैठ जाये।

169- और इस में भी वही सब करे जो पहली तशह्हुद में किया था।

170- लेकिन इस तशह्हुद में तवर्रुक के आसन पर बैठे, अपने बायें कूल्हे को ज़मीन पर रखे और बायें पैर को दाहिनी पिंडली के नीचे कर ले।

171- और अपने दायें पैर को खड़ा रखे।

172- और कभी कभार उस को फैलाना (बिछाना) भी जाइज़ है।

173- और अपने घुटने को बायीं हथेली का लुक्मा बना कर अपना बोझ उस पर रखे।

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