मग़रिब की नमाज़

-अज़ान के समय तुरंत इफ्तार कर लेना ही अच्छा है उस में देर नहीं करना चाहिए l क्योंकि हज़रत पैगंबर -उन पर इश्वर की कृपा और सलाम हो- ने फरमाया:

"لا يزال الناس بخير ما عجلوا الفطر وأخروا السحور".

(लोग उस समय तक भलाई में रहेंगे जब तक इफ्तार में जल्दी करेंगे और सिहरी को देर से करेंगे) और इफ्तार के समय यह दुआ पढ़ना चाहिए :

"ذهب الظمأ وابتلت العروق وثبت الأجر إن شاء الله"

(प्यास बुझ गई और नस नस भीग गए और यदि अल्लाह ने चाहा तो पुण्य भी पक्का हो गया l)

-इफ्तार के समय सुन्नत का ख़याल रखना चाहिए, ताज़ा भीगे खजूर से इफ्तार करना चाहिए यदि ताज़ा भीगा खजूर न हो तो फिर सूखे खजूर से इफ्तार करना चाहिए यदि यह भी न हो तो पानी से इफ्तार कर लें l आप अपने दस्तरख्वान पर हलके फुल्के भोजन रखिये जिस से नमाज़ के लिए जल्दी करने पर सहायता मिल सके l खाने और आराम में भी यह इरादा रखिये कि उस से इबादत करने में आपको मदद मिलेगी इससे आपका खाना पीना और आराम भी पुण्य के काम में शामिल हो जैएँगे l

-आज़ान के समय आज़ान के शब्दों को दुहराना चाहिए l

-आज़ान और इक़ामत के बीच में दुआ करना चाहिए l

-मग़रिब की नमाज़ के बाद की दो रकअत सुन्नत पढ़नी चाहिए l