पैगंबर हज़रत मुहम्मद के समर्थन की वेबसाइट - ज़ुहर की नमाज़



عربي English עברית Deutsch Italiano 中文 Español Français Русский Indonesia Português Nederlands हिन्दी 日本の
Knowing Allah
  
  
---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? ---उस पर व्यभिचार का आरोप लगाया गया जबकि वह बेगुनाह है, और उसके पास अपनी बेगुनाही का कोई सबूत व प्रमाण नहीं है। तो वह क्या करे? ---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? ---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? --- नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का वुज़ू नींद से नहीं टूटता है। ---उस पर व्यभिचार का आरोप लगाया गया जबकि वह बेगुनाह है, और उसके पास अपनी बेगुनाही का कोई सबूत व प्रमाण नहीं है। तो वह क्या करे? ---वादा-ख़िलाफ़ी सख़्ती से मना ---दुश्मन की लाशें उसके हवाले करना ---दुश्मन की लाशों पर गु़स्सा न निकाला जाए ---दुश्मन की लाशों पर गु़स्सा न निकाला जाए

Under category
Creation date 2012-07-21 03:26:58
Hits 424
इस पेज को किसी दोस्त के लिए भेजें Print Download article Word format Share Compaign Bookmark and Share

   

-अज़ान के शब्दों को दुहराएं
-अज़ान और इक़ामत के बीच दुआ करें और दुआ के स्वीकार होने के समय से लाभ उठाएँ l

-ज़ुहर की फ़र्ज़ नमाज़ से पहलेवाली चार रकअत सुन्नत नमाज़ पढ़ें l
नमाज़ खड़ी होने से पहले के समय को क़ुरआन पढ़ने में लगाएं l (यह अच्छी बात है कि आप सदा अपने साथ छोटे साइज़ का एक क़ुरआन रखा करें जो सदा काम में या स्कूल आदि...... में आपके साथ रहे l
-नमाज़ के बाद दुआएं और ज़िक्र पढ़ें l

-ज़ुहर की फ़र्ज़ नमाज़ के बाद दो रकअत सुन्नत पढ़ें l

* ऐसे लोग जिनके पास उस समय में कोई काम न हो तो उस समय को कई प्रकार की इबादतों में लगा सकते हैं l और अधिक से अधिक क़ुरआन पढ़ा करें








Bookmark and Share


أضف تعليق

You need the following programs: الحجم : 2.26 ميجا الحجم : 19.8 ميجا