पैगंबर हज़रत मुहम्मद के समर्थन की वेबसाइट - ४- नर्क से मुक्ति की नियत रखना



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Knowing Allah
  
  
---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? ---उस पर व्यभिचार का आरोप लगाया गया जबकि वह बेगुनाह है, और उसके पास अपनी बेगुनाही का कोई सबूत व प्रमाण नहीं है। तो वह क्या करे? ---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? ---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? --- नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का वुज़ू नींद से नहीं टूटता है। ---उस पर व्यभिचार का आरोप लगाया गया जबकि वह बेगुनाह है, और उसके पास अपनी बेगुनाही का कोई सबूत व प्रमाण नहीं है। तो वह क्या करे? ---वादा-ख़िलाफ़ी सख़्ती से मना ---दुश्मन की लाशें उसके हवाले करना ---दुश्मन की लाशों पर गु़स्सा न निकाला जाए ---दुश्मन की लाशों पर गु़स्सा न निकाला जाए

   

हज़रत पैगंबर -उन पर इश्वर की कृपा और सलाम हो-ने फ़रमाया:

إن لله عند كل فطر عتقاء، وذلك في كل ليلة".

(अल्लाह सर्वशक्तिमान की ओर से(रमज़ान में) प्रत्येक इफ्तारी के समय बहुत सारे (नर्क से) मुक्त पाते हैं और यह हर रात होती रहती हैl) (इसे अलबानी ने सहीह बताया , देखिए सहीह इब्ने माजा l) 








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