पैगंबर हज़रत मुहम्मद के समर्थन की वेबसाइट - बाथरूम में प्रवेश करना और बाहर निकलना



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---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? ---उस पर व्यभिचार का आरोप लगाया गया जबकि वह बेगुनाह है, और उसके पास अपनी बेगुनाही का कोई सबूत व प्रमाण नहीं है। तो वह क्या करे? ---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? ---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? --- नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का वुज़ू नींद से नहीं टूटता है। ---उस पर व्यभिचार का आरोप लगाया गया जबकि वह बेगुनाह है, और उसके पास अपनी बेगुनाही का कोई सबूत व प्रमाण नहीं है। तो वह क्या करे? ---वादा-ख़िलाफ़ी सख़्ती से मना ---दुश्मन की लाशें उसके हवाले करना ---दुश्मन की लाशों पर गु़स्सा न निकाला जाए ---दुश्मन की लाशों पर गु़स्सा न निकाला जाए

   


बाथरूम में प्रवेश करना और बाहर निकलना
इस से संबंधित भी कई सुन्नतें हैं:


१- प्रवेश होते समय पहले बायें पैर को रखना और निकलते समय पहले दाहिने पैर को बाथरूम से बाहर रखना भी सुन्नत है.
 २ – प्रवेश के समय की दुआ यूँ है:
 [ اللهم إني أعوذ بك من الخبث والخبائث ] 
 (अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिनल-खुबसे वल-खबाइस)
"हे अल्लाह! मैं स्त्री और पुरुष शैतानों से तेरे शरण में आता हूँ."


इमाम बुखारी और मुस्लिम इस पर सहमत हैं.
३ -बाहर नकलने के समय की दुआ:
[ غفرانك ]
(ग़ुफ़रानक)


(तुझी से माफ़ी चाहता हूँ )
इमाम नसाई को छोड़कर सभी "सुन्न" लिखने वालों ने इसे उल्लेख किया है.
एक व्यक्ति दिन और रात में कई बार बाथरूम में प्रवेश करता है और बाहर निकलता है. और कितनी अच्छी बात है कि प्रवेश करते समय और निकलते समय इन सुन्नतों को लागू करे, दो सुन्नत प्रवेश करते समय और दो सुन्नत निकलते समय.

 




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