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(136) नर्मी (कोमलता) से काम लो।

107 2020/09/22
(136) नर्मी (कोमलता) से काम लो।

عَنْ شُرَيْحِ بْنِ هَانِئٍ – رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا – قَالَ:

رَكِبَتْ عَائِشَةُ  زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَعِيرًا فَكَانَتْ فِيهِ صُعُوبَةٌ فَجَعَلَتْ تُرَدِّدُهُ فَقَالَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ : "عَلَيْكِ بِالرِّفْقِ فَإِنَّ الرِّفْقَ لَا يَكُونُ فِي شَيْءٍ إِلَّا زَانَهُ، وَلَا يُنْزَعُ مِنْ شَيْءٍ إِلَّا شَانَهُ".

तर्जुमा: ह़ज़रत शुरैह़ बिन हानी रद़ियल्लाहु अ़न्हुमा बयान करते हैं कि नबी ए करीम सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम की प्यारी पत्नी ह़ज़रत आ़एशा रद़ियल्लाहु अ़न्हा एक ऊंट पर चढ़ीं। उसमें कुछ सख्ती थी। तो ह़ज़रत आ़एशा उसे फेराने लगीं। तो नबी ए करीम सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने उनसे फरमाया:"नर्मी (कोमलता) से काम लो। क्योंकि नर्मी जिस चीज में भी होती है उसकी शान बढ़ा देती है। और जिस से नर्मी खत्म हो जाती है वह ऐबदार हो जाती है। (या उसकी शान घट जाती है।)"

     नबी ए करीम सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम जिस तरह इंसानों के साथ दयालु और रहम दिल थे इसी तरह जानवरों के साथ भी दयालु और रहम दिल थे। हर चीज के लिए आप प्यार व मोहब्बत और दया का केन्द्र थे।

इस्लाम एक ऐसा धर्म है जिसने अपनी शिक्षाओं के अंदर हिकमत या समझदारी के ऐसे नियम व सिद्धांत रखे हैं जिनके कारण लोग आपस में भी एक दूसरे पर दया करते हैं और अपने मातहत जानवरों के साथ भी दया और रहम दिली से पेश आते हैं। क्योंकि जानवरों को इंसानों पर दया और इनाम के लिए पैदा किया गया है। लिहाज़ा उनके साथ नरमी बरतना, अच्छा व्यवहार करना और जहाँ तक हो सके उन्हें तकलीफ न देना यह एक तरह का उन जानवरों का शुक्रिया अदा करना है।

नरमी एक अच्छी और महान आदत और हमेशा रहने वाला सम्मान और ऐसा बेहतर व्यवहार है कि जिसमें यह भी यह होता है उस पर हर जगह और हर जमाने में गर्व किया जाता है।

अल्लाह ने हर चीज पर दया करना अनिवार्य किया है। और एक सच्चा मोमिन अपने आप पर, अपने भाइयों पर और अपने जानवरों पर दयालु और रहम दिल होता है। तथा वह हर नजर आने वाले जानवर के साथ दयालु होता है। अगर वह प्यासा होता है तो उसे पानी पिलाता है। अगर भूखा हो तो खाना खिलाता है। अगर बिना वजह कैद या फंसा हुआ हो तो उसे आजाद कर देता है। और अगर उसे रखना चाहे या खाने के लिए काटना चाहे तो उसके साथ नरमी से पेश आता है और अच्छा व्यवहार करता है।

पैगंबर हज़रत मुहम्मद के समर्थन की वेबसाइटIt's a beautiful day