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  2. (194) जब लोगों के बीच बिगाड़ हो जाए तो उनमें मिलाप कराओ और जब उनमें दूरी हो जाए तो उन्हें एक दूसरे के नज़दीक करो।

(194) जब लोगों के बीच बिगाड़ हो जाए तो उनमें मिलाप कराओ और जब उनमें दूरी हो जाए तो उन्हें एक दूसरे के नज़दीक करो।

17 2020/10/04
(194) जब लोगों के बीच बिगाड़ हो जाए तो उनमें मिलाप कराओ और जब उनमें दूरी हो जाए तो उन्हें एक दूसरे के नज़दीक करो।

عَنْ أَنس بِنْ مَالك رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ  أَنَّ النَّبيِّ صلَّى اللهُ عليه وسلَّم قَالَ: لأبي أيُّوبَ: أَلَّا أدلُّك عَلَى تِجَارةٍ؟".قَالَ بَلَى، قَالَ: "صِلْ بين النَّاسِ إذا تفاسَدوا وقرِّبْ بينهم إذا تباعَدُوا".

तर्जुमा: ह़ज़रत अनस बिन मालिक रद़ियल्लाहु अ़न्हु बयान करते हैं कि नबी ए करीम सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने ह़ज़रत अबू अय्यूब (अंसारी रद़ियल्लाहु अ़न्हु) से इरशाद फ़रमाया:"क्या मैं तुम्हें एक बेहतरीन व्यापार न बताऊँ?" उन्होंने कहा:" क्यों नहीं।" तो नबी ए करीम सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: "जब लोगों के बीच बिगाड़ हो जाए तो उनमें मिलाप कराओ और जब उनमें दूरी हो जाए तो उन्हें एक दूसरे के नज़दीक करो।"

नबी ए करीम सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम अपने साथियों में जिसके अंदर जैसी मनोवैज्ञानिक, अखलाकी (नैतिक) और समाजिक क्षमता और काबिलियत देखते उसे उसी हिसाब से आदेश देते और नसीहत करते। लिहाज़ा इस तरह आप नबी सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम का आदेश और आपकी नसीहत और भी ज्यादा फायदेमंद साबित होती।

मैंने अक्सर वसियतों में यह बात देखी है कि वे उन लोगों का इलाज करती हैं जो बहुत ज्यादा मानसिक उलझनों और दबावों का शिकार हों, अक्सर समाजिक व्यवहारों को दुरुस्त करती हैं और जो सही रास्ते से बह गया हो उसे सीधा रास्ता बताती हैं ताकि वह सही रास्ते पर आ जाए जो उस अल्लाह का रास्ता है जो जमीन और आसमान और जो कुछ उनमें है उसका मालिक है।

बेशक सच्चा मुसलमान वही है जो अपना हर काम केवल अल्लाह ही की रजामंदी और खुशी के लिए  करे, उस पर अपना धन, मन, तन सब कुछ कुर्बान कर दे और इस तरह अल्लाह का सच्चा बंदा होकर बंदगी का आनंद उठाए।

बेशक नेक महान कामों में से एक काम दो विरोधी आदमियों के बीच समझौता कराना और दो दुश्मनों में नजदीकी (निकटता) पैदा करना भी है। यह एक ऐसा व्यापार है जिसमें न अल्लाह के यहाँ नुकसान है और ना लोगों के यहाँ।

यकीनन लोग उस समय तक ठीक और बेहतर रहेंगे जब तक कि उनके बीच समझदारी, अक्लमंदी, अच्छी नसीहत और लाभदायक बातचीत से उनके दिलों के बिगाड़ को सुधारने वाला मौजूद हो। लेकिन अगर उनके बीच से ऐसा आदमी चला गया जो उन्हें भलाई की तरफ बुलाता हो, बुराई से रोकता हो, उनमें समझौता कराता हो और उनके बीच शांति रखता हो तो वे लोग अपनी ख्वाहिशों का पालन करेंगे और उन में फितने-फसाद की आग भड़क उठेगी जो उन सब को जलाकर राख कर देगी।

पैगंबर हज़रत मुहम्मद के समर्थन की वेबसाइटIt's a beautiful day