सामग्री
दोनों हाथों को रखने का बयान और उस का तरीक़ा
हाथ रखने की जगह
खुशू व ख़ुज़ू और सजदह की जगह पर देखना
दुआउल इस्तिफ्ताह (नमाज़ को आरंभ करने की दुआ
पाँचवां : क़िराअत
सूरतुल फातिह़ा पढ़ने का बयान
मुक़तदी का सूरतुल फातिह़ा पढ़ना
सूरतुल फातिहा के बाद की क़िराअत
हर रक़अत में सूरतुल फातिह़ा पढ़ना
क़िराअत को बुलन्द और धीमी आवाज़ में करने का &
कुर्आन को तर्तील से (अर्थात ठहर ठहर कर) पढ़ना
इमाम को ग़लती पर सावधान करना (लुक़्मा देना)
छठाः रुकूअ़ का बयान
रुकू का तरीक़ा
अरकान को बराबर करने का बयान
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