पैगंबर हज़रत मुहम्मद के समर्थन की वेबसाइट - नमाज़ की अमली सुन्नतें



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---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? ---उस पर व्यभिचार का आरोप लगाया गया जबकि वह बेगुनाह है, और उसके पास अपनी बेगुनाही का कोई सबूत व प्रमाण नहीं है। तो वह क्या करे? ---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? ---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? --- नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का वुज़ू नींद से नहीं टूटता है। ---उस पर व्यभिचार का आरोप लगाया गया जबकि वह बेगुनाह है, और उसके पास अपनी बेगुनाही का कोई सबूत व प्रमाण नहीं है। तो वह क्या करे? ---वादा-ख़िलाफ़ी सख़्ती से मना ---दुश्मन की लाशें उसके हवाले करना ---दुश्मन की लाशों पर गु़स्सा न निकाला जाए ---दुश्मन की लाशों पर गु़स्सा न निकाला जाए

   

नमाज़ की अमली सुन्नतें:

 १- इहराम की तकबीर(यानी नमाज़ शुरू करने) के साथसाथ दोनों हाथों को उठाना l
2 – रुकूअ के लिए झुकते समय भी दोनों हाथों को उठाना l
3 - रुकूअ से उठते समय भी दोनों हाथों को उठाना l
4 -  तीसरी रकअत के लिए उठते समय दोनों हाथों को उठाना, और यह उसी नमाज़ में होगा जिस में दो तश्शहुद होते हैं l 
5 -  हाथ उठाते समय और छोड़ते समय उंगलियों को एक दूसरे के साथ मिलाए रखना l
6 - उँगलियों को खुले खुले रखना और हथेली को क़िबला(पवित्र कअबा)  की और रखना l
7 - उँगलियोंको उठाते समय दोनों कंधे के बराबर या दोनों कानों की लोलकियों के बराबर रखना l
8 – दाहिने हाथ को बाएं हाथ पर रखना, अथवा दाहिने हाथ से बाएं हाथ की कलाई की हड्डी को पकड़ना l
9 – नज़र को सजदा की जगह पर रखना l
10 – दोनों पैरों को थोड़ा अलग अलग रखना l

 11 – पवित्र कुरान को ठहर ठहर कर आराम से उसके अर्थ में सोच-विचार करते हुए पढ़ना l




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