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कुर्आन को तर्तील से (अर्थात ठहर ठहर कर) पढ़ना
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पैगंबर मुहम्मद की नमाज़ का विवरण
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2010/12/12
2026/07/10
कुर्आन को तर्तील से (अर्थात ठहर ठहर कर) पढ़नाः
67- सुन्नत का तरीक़ा यह है कि कुर्आन को तर्तील के साथ (ठहर ठहर कर) पढ़े, बहुत तेज़ी और जल्दी से न पढ़े, बल्कि एक एक अक्षर को स्पष्ट कर के पढ़े, और कुर्आन को अपनी आवाज़ से खूबसूरत बनाये और तज्वीद के उलमा के नज़दीक ज्ञात नियमों की सीमा में रह कर उसे राग से पढ़े, किन्तु आज कल के नवीन अविष्कारित (गढ़े हुये) सुरों (स्वरों) और संगीत के नियमों के अनुसार लय के साथ नहीं गायें गे।