पैगंबर हज़रत मुहम्मद के समर्थन की वेबसाइट - अंगुली को हिलाना और उस की तरफ देखना



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---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? ---उस पर व्यभिचार का आरोप लगाया गया जबकि वह बेगुनाह है, और उसके पास अपनी बेगुनाही का कोई सबूत व प्रमाण नहीं है। तो वह क्या करे? ---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? ---क्या वह अपनी बच्ची के रोने के कारण जमाअत की नमाज़ तोड़ सकती है? --- नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का वुज़ू नींद से नहीं टूटता है। ---उस पर व्यभिचार का आरोप लगाया गया जबकि वह बेगुनाह है, और उसके पास अपनी बेगुनाही का कोई सबूत व प्रमाण नहीं है। तो वह क्या करे? ---वादा-ख़िलाफ़ी सख़्ती से मना ---दुश्मन की लाशें उसके हवाले करना ---दुश्मन की लाशों पर गु़स्सा न निकाला जाए ---दुश्मन की लाशों पर गु़स्सा न निकाला जाए

   

अंगुली को हिलाना और उस की तरफ देखनाः

135- अपनी दायीं हथेली की सभी अंगुलियों को समेट ले (मुट्ठी बना ले), और कभी कभार अपने अंगूठे को अपनी बीच वाली अंगुली पर रखे।

136- और कभी कभार उन दोनों (बीच वाली अंगुली और अंगूठे) का एक दायरा बना ले।

137- और अपनी शहादत वाली अंगुली से क़िब्ला की तरफ इशारा करे।

138- और अपनी नज़र को उस की तरफ गड़ाए रखे।

139- और तशह्हुद के शुरू से अंत तक उसे हिलाता रहे उस के साथ दुआ करता रहे।

140- और अपने बायें हाथ की अंगुली से इशारा न करे।

141- और यह सब चीजें हर तशह्हुद में करे।




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