कश्ती (नाव) और हवाई जहाज़ में नमाज़ पढ़ने का ब

कश्ती (नाव) और हवाई जहाज़ में नमाज़ पढ़ने का बयानः

8- नाव (या पानी के जहाज़) और हवाई जहाज़ में फर्ज़ नमाज़ पढ़ना जाइज़ है।

9- तथा उन दोनों में सवार आदमी को अगर गिरने का डर हो, तो उस के लिए बैठ कर नमाज़ पढ़ना जाइज़ है।

10- इसी प्रकार बुढ़ापे या शरीर की कमज़ोरी की बिना पर अपने क़ियाम (खड़े होने) की हालत में किसी खम्भा या लाठी का सहारा लेना जाइज़ है।

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